जनता को झटका: 150 यूनिट योजना को लेकर बैंक साबित हुए नाकाम
राजस्थान सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश में 150 यूनिट प्रति माह निशुल्क बिजली योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी छत पर 1.1 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाना अनिवार्य किया गया है। इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा 33,000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि राजस्थान सरकार ने इसमें 17,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। योजना के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, ताकि आम जनता आसानी से आवेदन कर सके। सरकार के निर्देशानुसार सभी सरकारी बैंक मात्र 6 प्रतिशत की सस्ती ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत हैं।
लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। प्रदेश के कई जिलों से यह शिकायत सामने आ रही है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के छोटे लोन के आवेदन यह कहकर खारिज कर रहा है कि यह योजना केवल बड़े और अमीर ग्राहकों के लिए है, गरीबों को इसमें ऋण नहीं दिया जाएगा। पीड़ित आवेदकों का कहना है कि वे पोर्टल पर सफलतापूर्वक आवेदन कर चुके हैं, लेकिन जैसे ही बैंक में ऋण के लिए पहुंचते हैं, उन्हें टाल दिया जाता है या सीधे मना कर दिया जाता है। इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को भी इस योजना का समान रूप से लाभ मिल सके। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में यह योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ सकती है।
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